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100 में से 101-105 नंबर कैसे? रिजल्ट देख चौंक गए सोनपुर कॉलेज के स्टूडेंट्स, सामने आई मार्कशीट

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2 Published : Feb 26, 2026 08:38 am IST, Updated : Feb 26, 2026 08:38 am IST

क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि किसी परीक्षा में स्टूडेंट्स को पूर्णांक 100 में से 101 अंक मिल सकते हैं। ऐसा हुआ है ओडिशा के राजेंद्र विश्वविद्यालय से संबद्ध सोनपुर कॉलेज में, जहां कई छात्रों को 100 में से 105 अंक तक मिले, जबकि कई के आंतरिक मूल्यांकन अंक कम कर दिए गए।

सोनपुर कॉलेज के...- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT सोनपुर कॉलेज के परीक्षा परिणाम पर विवाद।

ओडिशा के राजेंद्र विश्वविद्यालय से संबद्ध सोनपुर कॉलेज के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि हाल ही में जारी किए गए रिजल्ट में थ्योरी और इंटरनल मार्क्स दोनों में भारी गड़बड़ी देखने को मिली है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ छात्रों को 100 अंकों की परीक्षा में 102 और 105 तक अंक दिखाए गए हैं। वहीं, कई छात्रों के इंटरनल मार्क्स कम कर दिए गए हैं।

सिस्टम फेल या टाइपिंग एरर?

कॉलेज के छात्र सुमंत जगदाला ने बताया कि कई पेपर में कुल अंकों से ज्यादा अंक दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि “किसी को 100 में 102 या 105 अंक दिख रहे हैं, तो किसी के इंटरनल मार्क्स 40 से घटाकर 18 कर दिए गए हैं। यह समझ से परे है कि ऐसा कैसे हो सकता है।”

छात्रा स्मिता रानी होता ने भी अपनी परेशानी शेयर की। उन्होंने बताया कि उन्होंने 100 अंकों की ऑनर्स परीक्षा दी थी, लेकिन उनके रिजल्ट में 101 अंक दिखाए गए। उनका इंटरनल असेसमेंट 40 था, लेकिन रिजल्ट में 35 दर्ज है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी सूचना के अंक कैसे बढ़ या घट सकते हैं।

एग्जाम कंट्रोलर ने छात्रों को ‘नॉनसेंस स्टूडेंट्स’

छात्र शुभम प्रसाद मिश्रा ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी शिकायत लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों के पास पहुंचे तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि एग्जाम कंट्रोलर कॉलेज आए थे, लेकिन उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया और कथित रूप से छात्रों को ‘नॉनसेंस स्टूडेंट्स’ कहा। छात्रों का आरोप है कि उन्हें धमकाया भी गया।

marksheet

Image Source : REPORTER INPUT
छात्रा की मार्कशीट

प्रिंसिपल ने त्रुटी मानी, 15 दिन में सुधार का किया वादा

इस पूरे मामले पर कॉलेज के प्रिंसिपल राधाकांत नायक ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद जांच की गई। प्रभावित छात्रों से रोल नंबर लिए गए हैं। संयोग से उस समय डिप्टी कंट्रोलर कॉलेज में मौजूद थे। छात्रों ने उनसे सीधे बात की, जिस पर उन्होंने 15 दिनों के भीतर सभी त्रुटियों को ठीक करने का आश्वासन दिया है। प्रिंसिपल के अनुसार, अधिकतर गड़बड़ियां इंटरनल मार्क्स की टाइपिंग से जुड़ी लगती हैं। विश्वविद्यालय द्वारा पोर्टल दोबारा खुलने के बाद इन्हें ठीक किया जाएगा।

रिजल्ट में गड़बड़ी से भविष्य पर संकट

जानकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में तकनीकी खामियां सामने आई हैं। कई मामलों में कुल अंकों से ज्यादा अंक दर्ज हुए हैं, तो कई छात्रों के इंटरनल मार्क्स कम कर दिए गए हैं। खास तौर से हिस्ट्री ऑनर्स के छात्र ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो उनके भविष्य और करियर पर इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि नियमों के अनुसार जल्द से जल्द सभी त्रुटियों को ठीक किया जाए और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।

फिलहाल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है और जल्द ही सुधार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)

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